Wednesday, 24 March 2021

ਘਰ

 ਸੋਹਣਾ ਘਰ ਕਦੇ ਵੀ ਇੱਟਾਂ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਬਣਦਾ.

ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਪਿਆਰ ਅਤੇ ਸੁਮੇਲ ਨਾਲ ਬਣਦਾ !

✍️ਪਾਗਲ ਸੁੰਦਰਪੁਰੀਆ

Monday, 22 March 2021

संकेत

धनवान से रोटी बचा सके ना देश को कैसे बचाओगे

ग़ुलाम थे पहले अंग्रेजो के फिर इनके हो जाओगे


सिर्फ़ किसान का आंदोलन ये कहकर भूल करो ना

भाई इतने क्यूं बेशर्म हो गए जीते जी तो मरो ना

तुम्हारी शाबाशी से सारा देश बेच दिया मोदी ने

और समाज में ज़हर फैलाया इस मीडिया गोदी ने

आज ना आए आंदोलन में फिर कब तुम आओगे

धनवान से रोटी बचा सके ना देश को कैसे बचाओगे

ग़ुलाम थे पहले अंग्रेजो के फिर इनके हो जाओगे


तुम कहां से लाकर खाओगे जब रोटी गई तिज़ोरी में

भूख से तड़पोगे उस दिन जब कुछ ना रहा कटोरी में

मेहनत का भाव मिलेगा सस्ता महंगा होगा खाना

फिर रोओगे पछताओगे  हाथ ना कुछ भी आना

आज खड़े ना हुए अगर पूरी ज़िंदगी उठ ना पाओगे

धनवान से रोटी बचा सके ना देश को कैसे बचाओगे

ग़ुलाम थे पहले अंग्रेजो के फिर इनके हो जाओगे


राजगुरु, सुखदेव, भगतसिंह के सपने सारे टूटेंगे

पूरे देश को मिलकर ये दो पूंजीपति ही लूटेंगे

सुंदरपुरीया पागल कहता इतिहास ज़रा तुम पढ़लो

रोजी रोटी की खातिर आज ज़रा तुम लड़लो

फिर अपने अपने बच्चों से तुम कैसे आंख मिलाओगे

धनवान से रोटी बचा सके ना देश को कैसे बचाओगे

ग़ुलाम थे पहले अंग्रेजो के फिर इनके हो जाओगे

 ✍️पागल सुंदरपुरीया


मंजिल

पैरों से चलने वाले लोग अक्सर थक जाते है रास्ते में..

पहुंच जाते हैं मंजिल पर वो जो दिमाग़ से चलते है !

✍️पागल सुन्दरपुरीया

Thursday, 11 February 2021

ज्ञान

किताबों को मित्र और आलस्य को दुश्मन ठान लो,

ज्ञान को गुरु और गुरु को भगवन् मान लो।

✍️पागल सुंदरपुरीया

Friday, 15 January 2021

जुबां ऐ भारत

मैं भारत हूं, तिरंगा मेरी शान है।

मैं भारत हूं, ताकत मेरी संविधान है।।


मैं नफ़रत नहीं करता किसी से

मेरा हर वासी मेरे लिए समान है।।


तूने जिसे ठंड में सड़कों पर बिठाया

ये मेरा पेट भरने वाला भगवान है।।


इन्हीं के संस्कारों से बड़ा हुआ है वो

सीमाओं पर प्राण देने वाला जो जवान है।।


खालिस्तानी आंतकवादी मायोवादी नहीं

ये मेरे सिर का ताज़ मेरा किसान है।।


लड़ते रहो मेरे लिए भगतसिहं के सपूतो

जब तक  तुम्हारे शरीर में जान है।।


तेरी कलम को कहूं आवाज़ बने मेरी "पागल

क्योंकि ख़तरे में आज मेरा स्वाभिमान है।।


तीनों कानून रद्द करके माफ़ी मांग लो अभी

ये लोकतंत्र भारत का सख्त फ़रमान है।।


लोगों ने मतदान देकर बिठाया है उसपर

जिस कुर्सी का तुम्हे बड़ा अभिमान है।।


सुन्दरपुरे" वालो दिल्ली आकर इन्हे समझा दो

मेरे यहां तो सिर्फ़ जनता ही महान है।।

✍️पागल सुन्दरपुरीया





Thursday, 31 December 2020

ਭਾਰਤ ਮਹਾਨ

ਅੱਜ ਕੱਲ ਏ ਅੱਤਵਾਦੀ ਹੋ ਗਏ

ਦੇਸ਼ ਲਈ ਵੱਖਵਾਦੀ ਹੋ ਗਏ

ਸੜਕ ਤੇ ਬੈਠੇ ਮੇਰੇ ਕਿਸਾਨ

ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਆਖੋ, ਨਾ ਆਖੋ ਭਾਰਤ ਮਹਾਨ

ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਆਖੋ


ਵੰਡੀਆਂ ਜਾਤ ਪਾਤ ਦੀਆਂ ਪਾਈਆਂ

ਧਰਮ ਦੇ ਨਾਂਅ ਤੇ ਹੋਣ ਲੜਾਈਆਂ

ਐਥੇ ਹੋਈ ਜਾਂਦਾ ਘਾਣ

ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਆਖੋ, ਨਾ ਆਖੋ ਭਾਰਤ ਮਹਾਨ

ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਆਖੋ


ਨੇਤੇ ਬਣਗੇ ਦੱਲੇ ਸਾਰੇ

ਪੂੰਜੀਵਾਦ ਨੇ ਲੋਕੀਂ ਮਾਰੇ

ਮੇਰੀ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕੈਸੀ ਸ਼ਾਨ

ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਆਖੋ, ਨਾ ਆਖੋ ਭਾਰਤ ਮਹਾਨ

ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਆਖੋ


ਲੋਕ ਤੰਤਰ ਤੇ ਬੰਬ ਗਿਰ ਗਿਆ

ਸੰਵਿਧਾਨ ਦਾ ਚੌਥਾ ਥੰਮ ਗਿਰ ਗਿਆ

ਸਾਰਾ ਵੇਖ ਰਿਹਾ ਜਹਾਨ 

ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਆਖੋ, ਨਾ ਆਖੋ ਭਾਰਤ ਮਹਾਨ

ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਆਖੋ


ਸੁੰਦਰਪੁਰੀਆ" ਤੈਨੂੰ ਦਰਦ ਸੁਣਾਵਾਂ

ਹੱਥੋਂ ਆਪਣਿਆ ਨਿੱਤ ਵਿੱਕਦਾ ਜਾਵਾਂ

ਮੇਰੀ ਨਿੱਕਲਦੀ ਜਾਂਦੀ ਜਾਨ

ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਆਖੋ, ਨਾ ਆਖੋ ਭਾਰਤ ਮਹਾਨ

ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਆਖੋ


✍️ਪਾਗਲ ਸੁੰਦਰਪੁਰੀਆ





Monday, 12 October 2020

ਟਪਾ

 ਦੁੱਖ ਦਿੱਲ ਨੂੰ ਲੱਗਿਆ ਏ,

ਵੈਰੀਆਂ ਤੋਂ ਰਿਹਾ ਬੱਚਦਾ..

ਸਾਨੂੰ ਯਾਰਾਂ ਠੱਗਿਆ ਏ..

✍️ਪਾਗਲ ਸੁੰਦਰਪੁਰੀਆ

ਫੁੱਫੜ

ਭੂਆ ਤੈਨੂੰ ਵਿਆਈ, ਤੇ ਤਾਹੀਂ ਤੂੰ ਬਣਿਆ ਫੁੱਫੜ, ਬਾਪੂ ਬੇਬੇ ਦੱਸਿਆ, ਪਿੱਛੋ ਤਾਹੀਂ ਭੂਆ,ਫੁੱਫੜ, ਬਲੀ ਚੜੇ ਅਸੀਂ ਕੁੱਕੜ, ਤੂੰ ਫੁੱਫੜ ਦਾ ਫੁੱਫੜ.. ਗੱਲ ਕੱਟ ਜਾਵੇਂ ਮੇਰਾ...